SSC विद्यार्थी और शिक्षक क्यों जा रहे हैं Jantar Mantar?
July–August 2025 में SSC Selection Post Phase 13 परीक्षा को लेकर देश भर में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। लाखों विद्यार्थी और कुछ लोकप्रिय शिक्षक जैसे Neetu Mam ने Delhi ‘Delhi Chalo’ अभियान के तहत Jantar Mantar पर विरोध प्रदर्शन किए। यही वजह है कि #SSCMisManagement और #SSCVendorFailure जैसे हैशटैग सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं। आइए समझते हैं इस आंदोलन के पीछे की कहानी:
1. अचानक परीक्षा रद्द होना
बहुत सारे छात्रों ने बताया कि Phase 13 परीक्षा अचानक रद्द कर दी गई—कुछ मामलों में उन्होंने जिस दिन परीक्षा देने का खर्चा किया, उसी दिन सूचना दी गई कि परीक्षा नहीं होगी। इससे कई इलाकों से दूर आए अभ्यर्थियों को आर्थिक और मानसिक दोनों नुकसान हुआ।
2. गलत परीक्षा केंद्र और तकनीकी गड़बड़ियाँ
कुछ छात्रों को इलेक्ट्रॉनिक बैग और एडमिट कार्ड भी देर से मिले, और परीक्षा केंद्र उनके शहर से दूर रखें गए। कुछ केंद्रों पर सिस्टम क्रैश हुआ, माउस या स्क्रीन काम नहीं कर रहा था। कई लोग आरोप लगा रहे हैं कि नया एजेंसी—EduQuity, जिस पर पहले Vyapam घोटाले के चलते भी सवाल उठे थे—वो इन्हीं इम्तिहानों को संभाल रही थी।
3. अभद्र व्यवहार और पुलिसिया कार्रवाई
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जब प्रदर्शन दिल्ली में जंतर-मंतर और CGO Complex के पास हुआ, तो पुलिस ने लाठीचार्ज और धक्का-मुक्की की। वायरल वीडियो में तनाव और छात्र-शिक्षकों को हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आई हैं।
4. क्या मांग रहे हैं छात्र और शिक्षक?
वे SSC से मांग कर रहे हैं:
- पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो
- परीक्षा व्यवस्था सुधार कर जिम्मेदारी तय की जाए
- EduQuity की जगह विश्वसनीय एजेंसी को नियुक्त किया जाए
- परीक्षा से जुड़ी प्रक्रियात्मक पारदर्शिता हो
निष्कर्ष
यह सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि सिस्टम को पारदर्शिता और सुधार की राह पर लाने की कोशिश है। लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत, समय और पैसों को उस समय होने वाली उपयोगिता महत्वपूर्ण है। SSC को समझना चाहिए कि व्यवस्थापकों का भरोसा खोना भविष्य में भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता को प्रभावित करेगा।


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